27 Jun 2026 | By Astro Ankit shukla | 2 min read विवाह के लिए कौन से ग्रह जिम्मेदार होते है कैसे देखे मालूम करे और कोन सा भाव को देखे ⁉️
विवाह के लिए सप्तम भाव होता है, और उसका स्वामी ग्रह उसके लिए जिम्मेदार है। साथ ही विवाह के लिए शुक्र ग्रह जिम्मेदार है दोनों लड़का और लड़की के लिए, सभी लग्न के जातकों के लिए। लड़को के लिए शुक्र उनकी पत्नी का कारक है और लड़कियों में बृहस्पति उनके पति का कारक है।
इसके अलावा चर कारक भी होते है, जिनमे दारा कारक यानी सात ग्रहों में जो गृह सबसे कम चला हो किसी राशि में , वह दारा अर्थात पत्नी का कारक होता है।
इसके साथ ही सप्तम भाव में बैठे ग्रह, सप्तमेश के साथ बैठे ग्रह, सप्तम भाव को देखते हुए ग्रह, औए सप्तमेश पर दृष्टि डाले हुए गृह भी विवाह करा सकते है।
उपपद और उसका स्वामी, सप्तम पद और उसका स्वामी, पंचमेश, नवमेश अगर आपस में सम्बंधित हो, तो विवाह कारक होते है।
महादशा स्वामी से सप्तमेश भी विवाह कर सकता है।
शनि, राहु, शुक्र, औए बृहस्पति की महादशा औए अंतर्दशा भी विवाह देती है, चाहे उनका सम्बन्ध सप्तम भाव या सप्तमेश से न भी हो तो।
इन सभी ग्रहों को केवल लग्न से ही नहीं, चंद्र और शुक्र से भी देखना होता है। और साथ ही लग्न कुंडली के साथ साथ नवमांश भी देखना होता है।
यह विवाह के लिए थे, लेकिन विवाह केवल दो लोगो का नहीं होता एक तरह से उनके परिवारों का आपसी संबंध है। इसलिए दूसरा भाव, चतुर्थ भाव औए उनके स्वामी भी देखे जाते है पारिवाएक सुख और गृहस्थ सुख के लिए। विवाह के बाद का सौभाग्य, औए सुख अष्टम भाव और बारहवे भाव से देखा जाता है।